नई दिल्ली. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के खिलाफ षडयंत्र रचने वाले आतंकवादी सीमा पार भी सुरक्षित नहीं हैं। हमारे सेना के पास उन्हें घर में घुसकर मारने की क्षमता है। बालाकोट एयरस्ट्राइक इसका उदाहरण है। सिंह ने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए भारत के रूख में बदलाव आ चुका है। देश की रक्षा के लिए सीमा पार करने में भी हम नहीं हिचकेंगे। वह दिल्ली में आयोजित सेंटर फॉर एयर स्टडीज कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ट्वीट करके बालाकोट एयरस्ट्राइक को अंजाम देने वाले जाबाजों को बधाई दी है।
Addressed a seminar organised by the Centre for Air Power Studies in New Delhi today. It gave me a great pleasure to be amongst the larger fraternity of the armed forces and particularly the air warriors who were part of the planning & execution process of the Balakot operation.
वहीं वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने कहा कि एक साल पहले सरकार ने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर हमला करने का कठोर और साहसिक निर्णय लिया था। भारतीय वायुसेना ने अपने सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया। यह साहसिक कदम है।
सीडीएस रावत बोले- राजनैतिक नेतृत्व के कठोर निर्णय से मिलता है हौसला
चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा कि प्रभावी सैन्य नेतृत्व और राजनैतिक नेतृत्व के कठोर निर्णय से जवानों को हौसला मिलता है। इसकी बानगी कारगिल, उरी और पुलवामा हमले के बाद देखने को मिली। आगे कहा कि, बालाकोट एयर स्ट्राइक का संदेश बहुत स्पष्ट था कि हमारे लोगों पर जिस तरह का छद्म युद्ध चल रहा है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।